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बेला से पत्रलेखा तक: शीना चोहान ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उनकी प्रतिष्ठित महिला किरदारों को किया याद
रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर अभिनेत्री Sheena Chohan अपने करियर के उस खास दौर को याद कर रही हैं, जब उन्होंने टैगोर की साहित्यिक दुनिया से प्रेरित फिल्मों मुक्ति और पत्रलेखा में काम किया था। इन फिल्मों का निर्देशन दिग्गज फिल्मकार Buddhadeb Dasgupta ने किया था।
दोनों कहानियां उस दौर में महिला-केंद्रित कथाओं को सामने लेकर आई थीं, जब इस तरह की कहानियां मुख्यधारा का हिस्सा नहीं थीं। मुक्ति में शीना ने टैगोर की बेटी बेला का किरदार निभाया था, जो उनकी रचनाओं और निजी जीवन से प्रेरित एक भावनात्मक कहानी थी। वहीं पत्रलेखा में उन्होंने एक ऐसी महिला की यात्रा को पर्दे पर जीवंत किया, जो अपने वैवाहिक रिश्ते की भावनात्मक सीमाओं के खिलाफ शांत विद्रोह करती है। वह केवल रिश्ते को बनाए रखने के लिए पत्रों और कविताओं तक सीमित रहने से इंकार करती है और अपने भीतर से अपनी पहचान और आवाज़ खोजती है।
Sheena Chohan shares a glimpse from Rabindranath Tagores Film Mukti:
इन किरदारों की तैयारी शीना के लिए एक गहन कलात्मक अनुभव बन गई थी। उन्होंने इन भूमिकाओं में खुद को ढालने के लिए टैगोर की कविताओं, साहित्य, भावनात्मक दुनिया और उनके दर्शन का गहराई से अध्ययन किया।
Sheena Chohan shares a glimpse from Rabindranath Tagores Film Patralekha:
इस अनुभव को याद करते हुए शीना कहती हैं, “अपने करियर की शुरुआत में टैगोर की दुनिया पर काम करना मेरे लिए एक अभिनेता के रूप में बेहद परिवर्तनकारी अनुभव था। मुझे याद है कि मैंने उनकी कविताओं, उनके मौन, उनकी महिला पात्रों की भावनात्मक गहराई और उनकी लेखन शैली की लय को समझने की कोशिश की थी — सिर्फ किरदार निभाने के लिए नहीं, बल्कि उन शब्दों के पीछे छिपी आत्मा को महसूस करने के लिए। मुक्ति और पत्रलेखा दोनों ने मुझसे गहरी आंतरिक तैयारी, संयम और भावनात्मक सच्चाई की मांग की।”
उन्होंने आगे कहा, “सबसे ज्यादा जो बात मेरे साथ रह गई, वह यह थी कि टैगोर की महिला पात्र कितनी प्रगतिशील और भावनात्मक रूप से गहरी थीं। उनमें शक्ति, व्यक्तित्व, तड़प, विद्रोह और गरिमा सब कुछ था। इन फिल्मों ने एक अभिनेता के रूप में मेरी नींव को मजबूत किया और मुझे सार्थक सिनेमा और साहित्य से गहराई से जोड़ दिया।”
ये फिल्में आज भी शीना चोहान की कलात्मक यात्रा का एक अहम पड़ाव मानी जाती हैं, जिन्होंने उन्हें एक ऐसे कलाकार के रूप में पहचान दिलाई जो गहराई, साहित्यिक संवेदनशीलता और परिवर्तनकारी कहानियों की ओर आकर्षित रहता है।
Mukti और Patralekha के बाद, Sheena Chohan ने 15 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र फिल्मों में प्रभावशाली भूमिकाएँ निभाईं, और संवेदनशील, महिला-केंद्रित कहानियों की एक सशक्त और विशिष्ट अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।


